Tax Collection At Source
Note :-
- TDS का मतलब स्रोत पर कटौती है और TCS का मतलब स्रोत पर टैक्स कलेक्शन से होता है
- TDS अलग-अलग तरह के आय स्रोतों जैसे सैलरी या निवेश पर मिले ब्याज आदि पर काटा जाता है
- TCS का भुगतान सेलर, डीलर, वेंडर, दुकानदार की तरफ से किया जाता है
टैक्स डिडक्शन ऐट सोर्स (TDS) और टैक्स कलेक्शन ऐट सोर्स (TCS) टैक्स वसूल करने के दो तरीके हैं।
TDS का मतलब स्रोत पर कटौती है। TCS का मतलब स्रोत पर टैक्स कलेक्शन से है। दोनों ही मामलों में रिटर्न फाइल करने की जरूरत होती है। हम आपको इनके बारे में बता रहे हैं।
क्या है TCS?
TCS टैक्स कलेक्टेड ऐट सोर्स होता है। इसका मतलब स्रोत पर एकत्रित टैक्स (इनकम से इकट्ठा किया गया टैक्स) होता है। TCS का भुगतान सेलर, डीलर, वेंडर, दुकानदार की तरफ से किया जाता है। हालांकि, वह कोई भी सामान बेचते हुए खरीदार या ग्राहक से वो वसूलता है। वसूलने के बाद इसे जमा करने का काम सेलर या दुकानदार का ही होता है। इनकम टैक्स एक्ट की धारा 206C में इसे कंट्रोल किया जाता है। कुछ खास तरह की वस्तुओं के विक्रेता ही इसे कलेक्ट करते हैं। इन वस्तुओं में टिंबर वुड, स्क्रैप, मिनरल, तेंदु पत्ते शामिल हैं। इस तरह का टैक्स तभी काटा जाता है जब पेमेंट एक सीमा से ज्यादा होता है।