-->

TRIAL BALANCE

 TRIAL BALANCE तलपट


बाटलीबॉय के अनुसार - तलपट खाताबही के ऋणी ( Debit ) तथा धनी ( Credit ) पक्ष के शेषों को लेकर बनाया गया एक विवरण है जिसका उद्देश्य पुस्तकों की गणित सम्बन्धी शुद्धता की जाँच करना है । "

तलपट का अर्थ एवं परिभाषाएँ ( MEANING AND DEFINITIONS OF TRIAL BALANCE ) 

तलपट का अर्थ ( Meaning of Trial Balance ) -

तलपट से आशय उस सूची से है जो खाताबही के समस्त खातों के योग ( Total ) या शेषों ( Balances ) से तैयार की जाती है । यदि इस सूची के डेबिट ( Debit ) तथा क्रेडिट ( Credit ) खातों का योग आपस में बराबर हो जाय तो यह निश्चित हो जाता है कि खातों में गणित सम्बन्धी कोई अशुद्धि नहीं है । इसी का नाम ' तलपट ' या ' परीक्षा सूची ' है । 

सरल शब्दों में - तलपट खाताबही के सभी खातों के डेबिट तथा क्रेडिट पक्ष के योगों या शेषों की सूची है जो एक निश्चित तिथि को बनायी जाती है , ताकि खाताबही की गणित सम्बन्धी शुद्धता की जाँच हो सके । ' ' संक्षेप में , तलपट खाताबही का सारांश होता है ।

DEFINITION OF TRIAL BALANCE ( तलपट की परिभाषाएँ )

 भिन्न - भिन्न विद्वानों ने तलपट की भिन्न - भिन्न परिभाषाएँ दी हैं । इनमें से कुछ परिभाषाएँ निम्नलिखित हैं :

नार्थकॉट के अनुसार - डेबिट ( Debit ) तथा क्रेडिट ( Credit ) पक्षों का योग मिल रहा है या नहीं , यह प्रदर्शित करने के उद्देश्य से शेषों ( Balances ) की सूची तैयार करने को ही तलपट कहते हैं । 

 रोलैण्ड के अनुसार - बाकियों की जुड़ी हुई और मिली हुई अन्तिम सूची तलपट कहलाती है । 

पिकिल्स के अनुसार - तलपट वित्तीय वर्ष के अन्त में अथवा किसी तिथि पर खाताबही में खोले गये खातों के शेषों की वह सूची है , जो कि इस जाँच - पड़ताल के लिए बनायी जाती है कि वास्तव में डेबिट ( Debit ) योग क्रेडिट ( Credit ) के समान है  

कार्टर के अनुसार - तलपट उन डेबिट ( Debit ) तथा क्रेडिट ( Credit ) बाकियों की एक सूची है जो खाताबही के खातों से तैयार की जाती है तथा जिसमें रोकड़ पुस्तक की रोकड़ एवं बैंक बाकियाँ भी सम्मिलित की जाती हैं । 

बाटलीबॉय के अनुसार - तलपट खाताबही के डेबिट ( Debit ) तथा क्रेडिट ( Credit ) पक्ष के शेषों को लेकर बनाया गया एक विवरण ( Statement ) है जिसका उद्देश्य पुस्तकों की गणित सम्बन्धी शुद्धता की जाँच करना है । 

 स्पाइसर तथा पैगलर के अनुसार - यदि एक निश्चित तिथि पर सारी खतौनी पूरी हो जाती है अर्थात् प्रत्येक सौदे का दोहरा लेखा पूरा हो जाता है तो शेषों की एक सूची बनायी जाती है । यह सूची तलपट कहलाती है ।

 CONCLUSION (निष्कर्ष) - 

उपयुक्त परिभाषा - उपर्युक्त तथा अन्य विद्वानों द्वारा दी गयी परिभाषाओं का अध्ययन करने के पश्चात् तलपट की एक उपयुक्त अथवा आदर्श परिभाषा इस प्रकार दी जा सकती है “ तलपट खाताबही के विभिन्न खातों के डेबिट ( Debit ) तथा क्रेडिट ( Credit ) योगों अथवा खातों के शेषों ( बाकियों ) को वह सूची है जो एक निश्चित तिथि पर खतौनी की गणितीय शुद्धता ज्ञात करने के उद्देश्य से बनायी जाती है । इसके दोनों पक्षों के योग का मिल जाना इस बात का प्रमाण है कि लेन देन की खतौनी खाताबही में सही ढंग से की गयी है और इसमें प्रविष्टि सम्बन्धी कोई भी अशुद्धि नहीं है । 

MAIN CHARACTERISTICS OF A TRIAL BALANCE (तलपट की प्रमुख विशेषताएँ )

तलपट की उपर्युक्त परिभाषाओं का विश्लेषण करने के उपरान्त निम्नलिखित विशेषताओं का ज्ञान होता है

  1. तलपट समस्त खातों की सूची है ।
  2.  यह खाताबही के समस्त खातों के डेबिट ( Debit ) तथा क्रेडिट ( Credit ) पक्ष के योगों ( Totals ) अथवा शेषों ( Balances ) के आधार पर बनाया जाता है । 
  3.  तलपट किसी निश्चित तिथि को तैयार किया जाता है । 
  4.  इसके बनाने का उद्देश्य खातों की जाँच करना है ।
  5. यह प्रत्येक खाते के संक्षिप्त के रूप में होता ह
  6. यह सामान्यत : वर्ष के अन्त में बनाया जाता है । 
  7. इससे अन्तिम खाते तैयार किये जाते हैं ।

तलपट बनाने के उद्देश्य ( OBJECTIVES OF PREPARING A TRIAL BALANCE )

 तलपट बनाने के प्रमुख उद्देश्य निम्नलिखित हैं : 

1.खातों के शेषों का ज्ञान - खाताबही के किसी भी खाते के शेष का ज्ञान इसके द्वारा सरलता एवं शीघ्रता से हो जाता है । 

2. अंकगणितीय शुद्धता का ज्ञान - तलपट बनाने का मूलभूत उद्देश्य खाताबही में खोले गये खातों की शुद्धता और विशेषत : अंकगणितीय शुद्धता का ज्ञान करना है । 

3. दोहरा लेखा प्रणाली के नियमों का पालन - तलपट बनाने का तीसरा उद्देश्य यह मालूम करना है कि दोहरा लेखा प्रणाली के नियमों का सही ढंग से पालन हो रहा है या नहीं । 

4. अन्तिम खाते बनाने का आधार - तलपट की सहायता से ही अन्तिम खाते तैयार किये जाते हैं । 

5. तुलनात्मक अध्ययन - यह तुलनात्मक अध्ययन में सहायक है । इससे कई महत्वपूर्ण निष्कर्ष भी निकाले जा सकते है । 

6. संक्षिप्त विवरण प्राप्त होनातलपट द्वारा सभी खातों का संक्षिप्त विवरण एक स्थान पर प्राप्त हो जाता है । निटे में अब

FORMAT OF TRIAL BALANCE ( तलपट का प्रारूप )

तलपट के उपर्युक्त प्रारूप से स्पष्ट है कि इसमें निम्न चार खाने होते हैं :

>> खाते का नाम ( Name of the Account ) - प्रथम खाना खाते के नाम का होता है । इसमें खाताबही से लाये गये खाते का नाम लिखा जाता है यथा - क्रय खाता , विक्रय खाता किराया खाता आदि । 

>> खाता पृष्ठ संख्या ( Ledger Folio ) — यह तलपट का दूसरा खाना होता है । इसमें सम्बन्धित खाताबही की पृष्ठ संख्या लिखी जाती है । 

>> डेबिट ( Debit ) पक्ष — यह तलपट का तीसरा खाना होता है जिसमें खाताबही से लाये गये खाते के डेबिट पक्ष का योग अथवा शेष लिखा जाता है । 

>> क्रेडिट ( Credit ) — यह तलपट का चौथा एवं अन्तिम खाता होता है जिसमें खाताबही से लाये गये खातों के क्रेडिट का योग अथवा शेष लिखा जाता है ।

लपट बनाने के नियम ( RULES FOR PREPARING A TRIAL BALANCE ) 

तलपट बनाते समय निम्नलिखित नियमों को सदैव ध्यान में रखना चाहिए : 

  1.  तलपट सदैव एक निश्चित तिथि को बनाया जाता है , अतएव इस तिथि का उल्लेख अवश्य करना चाहिए । 
  2. तलपट बनाने से पूर्व सम्पूर्ण खातों में खतौनी पूरी होनी चाहिए ।
  3.  तलपट खाताबही से तैयार किया जाता है , न कि जर्नल अथवा सहायक बहियों से । 
  4. तलपट या तो विभिन्न खातों के शेषों की सहायता से अथवा खातों के दोनों पक्षों के योग से बनाया जा सकता है । 
  5. तलपट में समस्त खाते सम्मिलित किये जाते हैं , चाहे वे व्यक्तिगत हों वास्तविक हों अथवा अवास्तविक हों 
  6.  जिन खातों में दोनों पक्षों का योग बराबर हो जाता है अर्थात् जिनमें कोई शेष नहीं बचता है उन खातों को तलपट में सम्मिलित करने से छोड़ा जा सकता है ।

तलपट बनाने की सबसे उपयुक्त विधि ( MOST SUITABLE METHOD OF PREPARING TRIAL BLANCE ) 


तलपट तैयार करने की उपर्युक्त वर्णित चारों विधियों में से किसी भी विधि को अपनाया जा सकता है किन्तु सभी विधियों का तुलनात्मक दृष्टि से अध्ययन करने पर यही प्रतीत होता है कि तलपट तैयार करने की शेष विधि ही अधिक उपयुक्त है क्योंकि 
( i ) राशि की संख्याओं का रूप लघु होता है जिससे योग लगाने में सरलता रहती है । 
( ii ) उन खातों को सम्मिलित नहीं किया जाता जिनके नाम ( डेबिट ) तथा जमा ( क्रेडिट ) पक्षों का योग समान है । 
( iii ) अन्तिम खाते तैयार करने हेतु आवश्यक सामग्री उपलब्ध होती है । अतः शेष विधि ही अधिक प्रचलित एवं उपयुक्त विधि है । 

विद्यार्थियों के लिए उपयोगी संकेत - 

निम्न खातों की डेबिट बाकियाँ होती हैं 

( i ) समस्त सम्पत्ति खाते - जैसे - भवन खाता , मशीन खाता , फर्नीचर खाता , रोकड़ खाता आदि
( ii ) समस्त व्यय खाते - जैसे - डाक व्यय , वेतन तथा मजदूरी व्यय , बीमा व्यय , किराया , ब्याज व्यय , दुकान व्यय , छूट दी , स्टेशनरी व्यय , निर्माण व्यय आदि 
( iii ) देनदारों के खाते
( iv ) आहरण खाता ।

 निम्न खातों की क्रेडिट बाकियाँ होती हैं : 
 
( i ) पूँजी खाता 
( ii ) समस्त आय खाते , जैसे -- ब्याज मिला , कमीशन मिला , किराया मिला , छूट प्राप्त हुई आदि
( iii ) लेनदारों के खाते । माल खाते परिस्थिति के अनुसार , डेबिट तथा क्रेडिट किसी भी प्रकार की बाकी हो सकती है , जैसे — क्रय तथा विक्रय वापसी की डेबिट  बाकी होती है तथा विक्रय एवं क्रय वापसी की क्रेडिट  बाकी होती है ।

भूल - चूक अथवा उचन्ती खाता ( SUSPENSE ACCOUNT )

 अर्थ - यदि पर्याप्त प्रयत्न करने के बाद भी तलपट नहीं मिलता है तो तलपट के दोनों खानों के योग के अन्तर की राशि से कुछ समय के लिए खाताबही में एक उचन्ती खाता खोला जा सकता है । इस खाते की राशि तलपट के उस खाने में लिख दी जाती है जिसका योग कम है और इस प्रकार तलफ्ट का मिलान हो जाता है । बाद में तलपट में न मिलने वाली अशुद्धि का पता लगाने का प्रयत्न किया जाता है । जब इस अशुद्धि का पता लग जाता है तो उक्त राशि को उचन्त खाते में हस्तान्तरित कर दिया जाता है ।
 
 चिट्टे में भूल - चूक खाते को दिखाना - यदि भूल चूक खाते की राशि तलपट के डेबिट पक्ष में लिखी गयी है तो भूल - चूक खाते को आर्थिक चिट्ठे में सम्पत्ति पक्ष में दिखाया जायेगा । इसके विपरीत , यदि तलपट के क्रेडिट पक्ष में भूल - चूक की राशि लिखी गयी है तो भूल - चूक खाता आर्थिक चिट्ठे के दायित्व पक्ष में लिखा जायेगा ।
 
 भूल - चूक खाते को बन्द करना - भविष्य में भूल - चूक खाते को बन्द किया जाये , इसके पहले अशुद्धियों को ढूँढ़ा जायेगा , फिर अशुद्धियों के सुधार हेतु जर्नल में आवश्यक लेखे किये जायेंगे । एक खाता तो भूल - चूक से सम्बन्धित होगा और दूसरा अशुद्धियों से । सभी अशुद्धियों का पता लग जाने एवं जर्नल की प्रविष्टियाँ हो जाने पर ' भूल - चूक खाता ' स्वत : ही बन्द हो जायेगा ।




विषय सूची (TABLE OF CONTENT)








Home | About | Contact Us | Privacy | Terms