Introduction Of GST
GST - परिचय और विशेषतायें
GST का परिचय :
वस्तु एवं सेवा कर या जी एस टी एक व्यापक, बहु-स्तरीय, गंतव्य-आधारित कर है जो प्रत्येक मूल्य में जोड़ पर लगाया जाएगा। जीएसटी (GST), भारत के कर ढांचें में सुधार का एक बहुत बड़ा कदम है। वस्तु एंव सेवा कर (GST) एक अप्रत्यक्ष कर कानून है (Indirect Tax) है। जीएसटी एक एकीकृत कर है जो वस्तुओं और सेवाओं दोनों पर लगेगा। जीएसटी लागू होने से पूरा देश एक एकीकृत बाजार में तब्दील हो जाएगा और लघभग सभी अप्रत्यक्ष कर जैसे केंद्रीय उत्पाद शुल्क (Excise), सेवा कर (Service Tax), वैट (Vat), मनोरंजन कर, विलासिता कर, लॉटरी कर इत्यादि जीएसटी में समाहित हो जाएंगे। इससे पूरे भारत में एक ही प्रकार का अप्रत्यक्ष कर लगेगा।
GST के प्रकार :
वस्तु एवं सेवा कर मुख्यतः 3 प्रकार में विभाजित किया गया है:-
- CGST - Central Goods and Service Tax (केंद्र सरकार द्वारा)
- SGST - State Goods and Service Tax (राज्य सरकार द्वारा)
- IGST - Integrated Goods and Service Tax (केंद्र सरकार द्वारा)
GST की प्रमुख विशेषतायें :
जीएसटी माल एवं सेवाओं की आपूर्ति (Supply) पर लागू होगा।
समान कर आधार पर केन्द्र द्वारा सेंन्ट्रल जीएसटी (CGST) एवं राज्यों द्वारा स्टेट जीएसटी (SGST) का आरोपण होगा।
मानव उपभोग के लिए एल्कोहल को जीएसटी से बाहर रखा गया है एवं 5 पेट्रोलियम उत्पाद (पेट्रोल, डीजल, कच्चा तेल, प्राकृतिक गैस तथा विमान ईंधन) GST लागू होने पर प्रारम्भिक दौर में इसके दायरे से बाहर रहेंगे।
कुछ अधिसूचित सेवाओं के अलावा समस्त सेवाओं पर जीएसटी देय होगा।
तम्बाकू एवं तम्बाकू उत्पादों पर जीएसटी देय होगा। साथ ही इन पर केन्द्र द्वारा आरोपित उत्पाद शुल्क भी देय होगा।
सेंन्ट्रल जीएसटी (CGST) तथा स्टेट जीएसटी (SGST) की समान दरें होंगी जो जीएसटी काउंसिल द्वारा तय की जायेंगी।
केन्द्र तथा राज्यों के लिए करमुक्त वस्तुओं एवं सेवाओं की सूची एक समान होगी।
वस्तुओं एवं सेवाओं की राज्य के भीतर सप्लाई पर सीजीएसटी एवं एसजीएसटी दोनों आरोपित होंगे।
व्यवसायी द्वारा जारी की जाने वाली इन्वाइस में सीजीएसटी व एसजीएसटी की दर व राषि का अलग-अलग विवरण होगा।
गंतव्य एवं उपभोग आधारित कर प्रणाली:- टैक्स उस राज्य को प्राप्त होगा जिस राज्य में माल/सेवा का उपभोग होगा।
निर्माता से लेकर अंतिम उपभोग तक के सभी स्तरों पर पूर्व में देय कर का आगत कर के रुप में समायोजन मिलेगा।
संक्षेप में एक प्रकार से केवल मूल्यवृ़िद्ध(value addation) पर ही कर का आरोपण होगा।
निर्यात और सेज को आपूर्ति शून्य-दर आपूर्ति के रूप में माना जाएगा। निर्यात पर कोई कर देय नहीं है, लेकिन आपूर्ति से संबंधित आईटीसी निर्यातकों को वापस कर दी जाएगी।
एचएसएन कोड (Harmonized System of Nomenclature) का प्रयोग जीएसटी प्रणाली के तहत माल वर्गीकृत करने के लिए किया जाएगा।
जिन करदाताओं का टर्नओवर 1.5 करोड तक का है वह बिलो में एचएसएन कोड के अंकन की बाध्यता से मुक्त रहेगें।
जिन करदाताओं का टर्नओवर 1.5 करोड़ रुपये से ऊपर है लेकिन 5 करोड़ रुपये से नीचे है वे मात्र 2 अंकों के एचएसएन कोड का अंकन करेंगे।
जिन करदाताओं का टर्नओवर 5.0 करोड़ रुपये या उससे अधिक है 4 अंकों के एचएसएन कोड का प्रयोग करेगे।
सेवाओं के लिए सेवा लेखा कोड (SAC) का उपयोग किया जाएगा।
⚫Table of contents ⚫
➢ GST परिचय और विशेषतायें GST introduction & Features
➢ GST की आवश्यकता/लाभ GST Requirment/ Benefits
➢ GST की कार्य प्रणाली GST Function
➢ GST पंजीकरण प्रणाली GST Registration System
➢ GST टैक्स स्लैब GST Tax Slab
➢ GST रिटर्न और असेसमेंट GST Returns and Assessments
➢ क्यों जरूरी है जीएसटी Why GST Is Important
➢ टैक्स पर टैक्स की व्यवस्था समाप्त होगी Tax System Will End On Tax
➢ जीएसटी की मुख्य बातें Highlights Of GST
➢ जीएसटी बिल क्या है What Is GST Bill
➢ जीएसटी बिल के प्रमुख लाभ Benefits Of GST Bill
➢ जीएसटी बिल के उद्देश्य Objectives Of GST Bill
➢ जीएसटी के अंतर्गत आयात पर टैक्स किस तरह लगेगा। How Will Import Tax Be Levied Under GST ?

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